नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। मंगलवार को नीमच के टाउन हॉल में भाजपा द्वारा एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) मुद्दे को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में नीमच विधायक एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता दिलीप सिंह परिहार, भाजपा जिला अध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, उपाध्यक्ष निलेश पाटीदार, महामंत्री धन सिंह केथवास, भाजपा नेता हेमंत हरित, मीडिया प्रभारी मनोज माहेश्वरी एवं सह मीडिया प्रभारी शुभम शर्मा मौजूद रहे।प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि आज वैश्विक मंच पर भारत लगातार आगे बढ़ रहा है और 140 करोड़ भारतवासियों के सम्मान के लिए भाजपा सेवा के कार्य में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा जिस प्रकार की भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है, उसे लेकर स्थिति स्पष्ट करने के उद्देश्य से यह पत्रकार वार्ता आयोजित की गई है।परिहार ने कहा कि विपक्ष जब भी आरोप लगाता है तो कई बार मनगढ़ंत आरोप सामने आते हैं और जब आरोप सिद्ध नहीं होते तो बाद में माफी मांगनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर भी राहुल गांधी द्वारा भ्रम पैदा किया गया, जबकि चुनाव आयोग ने इस पूरे मामले को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों द्वारा निर्णय लिया गया है, इसके बावजूद एक संवैधानिक संस्था को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जब-जब इस प्रकार के आरोप लगाए गए हैं, बाद में उनकी वास्तविकता सामने आई है। परिहार ने राहुल गांधी द्वारा सेना और सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में लगातार अनर्गल आरोप लगाए जाते रहे हैं, लेकिन आरोप सिद्ध नहीं होने पर कई मामलों में सफाई और माफी तक मांगनी पड़ी है।विधायक ने कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग द्वारा की जा रही प्रक्रिया है और चुनाव आयोग ने स्वयं इसे लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यह विषय राजनीति से ऊपर उठकर जनता की सेवा से जुड़ा है। जिन मतदाताओं के नाम जुड़ रहे हैं अथवा मतदाता सूची में जिनके नाम शामिल किए जा रहे हैं, उसकी प्रक्रिया को लेकर भी चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है।उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र की हमेशा रक्षा करती है और आगे भी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम करती रहेगी। किसी संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करना उचित नहीं है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ समय से कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग, एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों के माध्यम से संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के मन में भ्रम और अविश्वास पैदा होने की स्थिति बनती है।परिहार ने कहा कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग की बैठक में तीनों चुनाव आयुक्तों की ओर से स्पष्ट किया गया कि देशभर में चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण किसी एक व्यक्ति का निर्णय नहीं है, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय है।उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद भी राहुल गांधी और कांग्रेस इस मुद्दे को किस आधार पर उठा रहे हैं।
*प्रपत्र-6 को लेकर भी उठाए सवाल*
विधायक परिहार ने एसआईआर प्रक्रिया के तहत प्रपत्र-6 से जुड़े घोषणा-पत्र को लेकर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में न्यायालय का निर्णय सामने होने के बावजूद राजनीतिक आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस से न्यायपालिका के निर्णय और तथ्यों का सम्मान करने की बात कही।उन्होंने मंत्रिमंडल सचिव को लिखे गए पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार यह पत्र एसआईआर अथवा चुनाव प्रक्रिया से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी से जुड़ा आंतरिक प्रशासनिक विषय था। ऐसे में इसे एसआईआर से जोड़कर राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है।
*चुनाव आयोग की तकनीकी व्यवस्था पर भी दी सफाई*
परिहार ने चुनाव आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली ‘ईसीआईनेट’ को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि प्रणाली की सुरक्षा और नियमों के अनुपालन की जांच के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों की समिति गठित की गई है। उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवस्था की जांच के लिए भी संस्थागत स्तर पर प्रक्रिया मौजूद है।भाजपा विधायक ने कांग्रेस और राहुल गांधी से सवाल किया कि जब चुनाव आयोग ने एसआईआर से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए जाने की बात स्पष्ट कर दी है, तो राहुल गांधी अपने आरोपों पर क्यों कायम हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या कांग्रेस चुनाव आयोग सहित देश की संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास करती है और क्या चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद राहुल गांधी अपने पूर्व आरोपों पर पुनर्विचार करेंगे।अंत में परिहार ने कहा कि चुनाव जनता के बीच जाकर सेवा, काम और नीतियों के आधार पर जनमत हासिल करने से जीते जाते हैं। संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर जनता के मन में भ्रम पैदा करना उचित नहीं है। भाजपा लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में कार्य करती रहेगी।