नीमच।महेन्द्र उपाध्याय।जिला मुख्यालय पर आयोजित कलेक्टर जनसुनवाई में मंगलवार को ग्राम पंचायत दूदरसी के वार्ड क्रमांक-4 के वार्ड पंच जितेन्द्र परिहार ने अनोखे अंदाज में अपनी नाराजगी दर्ज कराई। वे हाथ में तख्ती लेकर जनसुनवाई में पहुंचे, जिस पर लिखा था—"क्या जनसुनवाई नाम की शिकायत किस काम की?" तख्ती के माध्यम से उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई बार शिकायतें और आवेदन देने के बावजूद आज तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।वार्ड पंच ने कलेक्टर को सौंपे अपने दूसरे स्मरण पत्र में बताया कि वार्ड की समस्याओं को लेकर उन्होंने 17 जनवरी 2026 को सरपंच एवं सचिव को आवेदन दिया था। इसके बाद 20 जनवरी को जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को शिकायत की गई और 3 फरवरी 2026 को कलेक्टर की जनसुनवाई में भी आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसके बावजूद किसी भी शिकायत पर धरातल पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
*स्वच्छता व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल*
जितेन्द्र परिहार ने आरोप लगाया कि वार्ड की नालियां पूरी तरह चोक पड़ी हैं, पेयजल टंकी के आसपास गंदगी का अंबार लगा है तथा नियमित सफाई नहीं होने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो सफाई कर्मचारी भेजे जा रहे हैं और न ही कीटनाशकों का छिड़काव कराया जा रहा है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति स्वच्छ भारत अभियान के दावों पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।
*महिलाओं की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी*
आवेदन में वार्ड पंच ने बताया कि वार्ड की महिलाओं ने हस्ताक्षर कर महिला स्नानघर और स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की थी, लेकिन पंचायत प्रशासन ने इस दिशा में भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका आरोप है कि तकनीकी स्वीकृति मिलने के बावजूद राशि जारी नहीं होने से स्ट्रीट लाइट का कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
*"जब जनप्रतिनिधि की नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता की कौन सुनेगा?*"
वार्ड पंच ने कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें छोटी-छोटी मूलभूत सुविधाओं के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनसुनवाई में दिए गए आवेदनों पर भी कार्रवाई नहीं होती, तो आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास कैसे कायम रहेगा।
*समाधान नहीं हुआ तो होगा धरना*
जितेन्द्र परिहार ने जिला प्रशासन से सभी लंबित शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि अब भी वार्ड की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे वार्डवासियों के साथ कलेक्टरेट के सामने शांतिपूर्ण धरना देने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि जनता की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।