नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। सावन माह के प्रथम सोमवार पर पूरा नीमच शिवभक्ति में सराबोर नजर आया। ब्रह्ममुहूर्त से ही शहर के श्री किलेश्वर महादेव, श्री भूतेश्वर महादेव, श्री भागेश्वर महादेव सहित विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं।हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।शहर के प्राचीन श्री किलेश्वर महादेव मंदिर में सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। प्रातः 5:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य रुद्राभिषेक संपन्न हुआ। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला एवं पुरुषों की अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की, जिससे दर्शन एवं पूजन सुचारु रूप से संपन्न हुआ।सावन सोमवार के अवसर पर शहर के प्रमुख शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का रंग-बिरंगे फूलों से मनमोहक एवं आकर्षक श्रृंगार किया गया। मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाया गया, जहां आकर्षक विद्युत सज्जा ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। दिनभर दर्शन और पूजन का सिलसिला चलता रहा, वहीं शाम होते ही मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भव्य महाआरती और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।मंदिर समिति के पदाधिकारी कमल बिंदल ने बताया कि पूरे सावन माह में धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला जारी रहेगी। 10 अगस्त को दूसरे सावन सोमवार पर भगवान भोलेनाथ की भव्य एवं आकर्षक झांकी सजाई जाएगी। 16 अगस्त को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ सहस्त्रधारा अभिषेक होगा, जबकि 17 अगस्त को भगवान भोलेनाथ की भव्य शाही सवारी नगर भ्रमण करेगी। इस दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे तथा हरियाली अमावस्या का पर्व भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव का विशेष श्रृंगार, छप्पन भोग एवं भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।सावन के पहले सोमवार पर दिनभर शहर के शिवालयों में पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और महाआरती का क्रम चलता रहा। वहीं धनेरिया रोड स्थित गोकुलधाम के श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर से निकली कांवड़ यात्रा श्रद्धापूर्वक श्री किलेश्वर महादेव मंदिर पहुंची,जहां भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया।श्रद्धालुओं के उत्साह और अटूट आस्था से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। भगवान भोलेनाथ के दरबार में उमड़ी श्रद्धा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सावन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और सनातन संस्कृति का जीवंत उत्सव है। श्रद्धालुओं ने "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।