नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। मध्य प्रदेश में परिवहन चेक पोस्टों को लेकर जारी कानूनी विवाद के बीच नीमच की नयागांव चेक पोस्ट से सामने आए एक ड्राइवर के स्टिंग ऑपरेशन ने परिवहन विभाग में हड़कंप मचा दिया है। ट्रक चालकों से ऑनलाइन एंट्री के नाम पर अवैध वसूली का वीडियो वायरल होने के बाद परिवहन आयुक्त ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभारी परिवहन निरीक्षक को निलंबित कर दिया, जबकि तीन अन्य परिवहन निरीक्षकों को ग्वालियर अटैच कर दिया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा चेक पोस्टों को पुनः प्रारंभ करने संबंधी पूर्व आदेश पर स्टे प्रभावी है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नयागांव चेक पोस्ट पर पदस्थ प्रभारी परिवहन निरीक्षक जयदीप पुंगलिया को निलंबित कर दिया गया है। वहीं परिवहन निरीक्षक अनिमेष जैन,आशुतोष चौधरी और संदीप झरकरिया को परिवहन आयुक्त कार्यालय, ग्वालियर अटैच किया गया है। इसके अलावा होमगार्ड सैनिक शांतिलाल को उसके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है।विभागीय कार्रवाई उस वीडियो के सामने आने के बाद हुई, जिसमें ट्रक चालकों से ऑनलाइन एंट्री के नाम पर राशि लिए जाने का दावा किया गया है।
यह वीडियो एक ट्रक ड्राइवर द्वारा स्टिंग ऑपरेशन के दौरान बनाया गया,जो बाद में परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। मामले का संज्ञान लेते हुए विभाग ने जांच शुरू की और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार,यह वीडियो ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) एवं आईडीओटीपी से जुड़े पदाधिकारियों द्वारा केंद्र सरकार,मध्यप्रदेश शासन और परिवहन विभाग तक पहुंचाया गया। संगठन के पदाधिकारी सीएल मुकाती ने पूरे प्रदेश के चेक पोस्टों की निगरानी और अवैध वसूली पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।उल्लेखनीय है कि परिवहन चेक पोस्टों को लेकर कंटेंप्ट पिटिशन (सिविल) क्रमांक 5447/2025, रजनीश त्रिपाठी बनाम मध्यप्रदेश शासन एवं अन्य में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने अप्रैल 2026 में राज्य सरकार को अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पुनः प्रारंभ करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन सहित अन्य पक्षों की रिव्यू याचिका पर 11 मई 2026 को हाईकोर्ट ने अपने ही आदेश पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी। वर्तमान में चेक पोस्टों को पुनः शुरू करने का आदेश प्रभावी नहीं है और मामला न्यायालय में लंबित है।
इसके बावजूद प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आरोप सामने आ रहे हैं कि कई स्थानों पर चेक पोस्टों का संचालन कथित रूप से जारी है। परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कुछ चेक पोस्टों पर विभागीय कर्मचारियों के साथ निजी अथवा बाहरी व्यक्तियों से भी कार्य कराया जा रहा है तथा ट्रक चालकों से अवैध वसूली की जा रही है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह न्यायालय की भावना और प्रशासनिक व्यवस्था, दोनों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी आदेश पर हाईकोर्ट का स्टे प्रभावी हो, तब संबंधित विभागों का दायित्व है कि न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें। ऐसे में नयागांव चेक पोस्ट पर हुई विभागीय कार्रवाई ने पूरे प्रदेश की अन्य चेक पोस्टों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब ट्रांसपोर्ट संगठन, ट्रक ऑपरेटर और वाहन चालक मांग कर रहे हैं कि प्रदेश की सभी चेक पोस्टों की स्वतंत्र जांच कराई जाए, हाईकोर्ट के प्रभावी आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए तथा निजी कर्मचारियों की तैनाती और अवैध वसूली के मामलों में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।