नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जिले के गांव सावन के दो किसानों ने अपनी कृषि भूमि पर अवैध कब्जे,मिट्टी के उत्खनन और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के विरोध में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद न्याय नहीं मिलने पर उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।किसान जेतराम मालवीय गले में जूतों की माला पहनकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए न्याय की मांग की। उनके साथ प्रकाश मालवीय भी मौजूद रहे। दोनों किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी स्वामित्व वाली कृषि भूमि पर गांव के कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया है। इतना ही नहीं, जेसीबी मशीनों के माध्यम से खेतों की खुदाई कर उपजाऊ मिट्टी का अवैध उत्खनन कर उसका विक्रय भी किया गया, जिससे उनकी भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है।किसानों का कहना है कि इस मामले में वे कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस विभाग को लिखित शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में उन्होंने उल्लेख किया कि राजस्व एवं खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान संबंधित पक्षों ने भूमि को पूर्व स्थिति में लाकर किसानों को वापस सौंपने का आश्वासन दिया था,लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं किया गया।जेतराम मालवीय ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अवैध गतिविधियों का विरोध किया तो उन्हें धमकियां दी गईं तथा जातिसूचक टिप्पणियां कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। वहीं प्रकाश मालवीय ने प्रशासन से भूमि पर से अवैध कब्जा हटवाने, हुए नुकसान का आकलन कर क्षतिपूर्ति दिलाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की।दोनों किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उन्हें पुनः कब्जा दिलाया जाए तथा अवैध उत्खनन और कथित उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आगे भी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।







