नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जिले की मनासा तहसील के ग्राम फुलपुरा स्थित क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र देवनारायण मंदिर को लेकर ग्रामीणों में असंतोष खुलकर सामने आया है। गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर मंदिर के वर्तमान पुजारी को तत्काल पद से हटाने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि शासन द्वारा नियुक्त पुजारी पिछले लगभग 11 माह से नियमित रूप से मंदिर में पूजा-अर्चना नहीं कर रहा है। इससे मंदिर की धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों के साथ पुजारी द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है। साथ ही महिलाओं के प्रति अनुचित भाषा और अशोभनीय आचरण किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं, जिससे मंदिर की गरिमा और धार्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित पुजारी के विरुद्ध थाना कुकड़ेश्वर में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वह शराब और जुए जैसी गतिविधियों में संलिप्त रहता है, जो एक धार्मिक पद की मर्यादा के विपरीत है।ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आचरण से मंदिर की पवित्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और समाज में गलत संदेश जा रहा है।ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि देवनारायण मंदिर गुर्जर एवं गायरी समाज सहित क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने और धार्मिक परंपराओं की गरिमा बनाए रखने के लिए पुजारी पद पर योग्य, धार्मिक एवं सदाचारी व्यक्ति की नियुक्ति आवश्यक है।ग्रामीणों ने मंदिर से जुड़ी शासकीय भूमि और संपत्तियों के संरक्षण को लेकर भी चिंता जताई तथा प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित पुजारी को पद से हटाने की मांग की है।







