नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जावद जनपद पंचायत अध्यक्ष गोपाल चारण को पद से हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को जावद विधानसभा क्षेत्र के नागरिक एवं कांग्रेस कार्यकर्ता पंकज तिवारी ने अनूठे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। वे नीमच कलेक्टोरेट पहुंचे, जहां उन्होंने अपने मुंह पर “भ्रष्ट कुर्सी पर मौन क्यों?” लिखी पट्टी बांध रखी थी। साथ ही हाथों में भारतीय संविधान तथा मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम-1993 की प्रतियां लेकर उन्होंने प्रशासन का ध्यान अपनी मांग की ओर आकर्षित किया।कलेक्टर के नाम सौंपे गए ज्ञापन में पंकज तिवारी ने आरोप लगाया कि जनपद पंचायत जावद के अध्यक्ष गोपाल चारण को वर्ष 2023 में लोकायुक्त पुलिस द्वारा कथित रूप से रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। उनका कहना है कि मामले की जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया अभी भी जारी है, इसके बावजूद संबंधित जनप्रतिनिधि अपने पद पर बने हुए हैं। तिवारी ने इसे जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए कहा कि इससे आम जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है तथा शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।ज्ञापन में मांग की गई कि भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोपों और न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने के कारण जनपद पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।इस दौरान उपस्थित यश लोहार ने भारतीय संविधान एवं पंचायत राज अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि जनता का विश्वास लोकतांत्रिक संस्थाओं में बना रहे।







