नीमच। महेन्द्र उपाध्याय।विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस एवं शताब्दी वर्ष के तहत नीमच शहर की करीब 17 बस्तियों में पथ संचलन आयोजित किए गए। घोष की गूंज, अनुशासित कदमताल और मार्ग में जगह-जगह हुई पुष्पवर्षा के बीच स्वयंसेवकों ने एकजुटता और संगठन का परिचय दिया। विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।इसी क्रम में श्री गुरु गोविंद सिंह बस्ती का पथ संचलन बुधवार सुबह श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर स्थित संघ स्थल से प्रारंभ हुआ। संचलन से पहले ध्वज प्रणाम, शस्त्र पूजन और बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद स्वयंसेवक घोष की धुन पर कदम से कदम मिलाते हुए अनुशासित पंक्तियों में आगे बढ़े।पथ संचलन राजस्व कॉलोनी बगीचा, कॉन्वेंट स्कूल, सुविधा किराना मार्ग और पालीवाल जी के घर के सामने से होते हुए मुख्य सीआरपीएफ मार्ग, गुरुद्वारा और केला माता मंदिर पहुंचा। निर्धारित मार्ग से गुजरने के बाद संचलन पुनः श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर स्थित संघ स्थल पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ।संचलन के दौरान स्वयंसेवकों की अनुशासित कतारों और घोष की स्वर लहरियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इससे आयोजन का माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा। शताब्दी वर्ष के आयोजनों में स्वयंसेवकों की एकरूपता, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता प्रमुख रूप से दिखाई दी।विजयादशमी पर आयोजित पथ संचलन के माध्यम से राष्ट्रहित, सेवा, संयम, अनुशासन और संगठन के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। नीमच की विभिन्न बस्तियों में हुए इन आयोजनों के जरिए संघ के शताब्दी वर्ष की गतिविधियां भी प्रमुखता से सामने आईं।