नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। विजयादशमी के पावन पर्व पर मंगलवार, 20 अक्टूबर को नीमच छावनी स्थित दशहरा मैदान में परंपरागत दशहरा महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान 51 फीट ऊंचे रावण तथा 41-41 फीट के कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। आकर्षक आतिशबाजी और धार्मिक उत्साह के बीच मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। रावण के पुतले की पलकें झपकाने और हाथ-पैर हिलाने की विशेष व्यवस्था दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही।कार्यक्रम में विधायक दिलीप सिंह परिहार, नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति गौरव चोपड़ा, जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास, समाजसेवी नीरज अरोरा गंगानगर, पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष अनिल चौरसिया और उद्योगपति एवं समाजसेवी सुमित सिंघानिया सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। आयोजन समिति के अध्यक्ष हेमंत सिंघल ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक शिव माहेश्वरी और बृजेश मित्तल का शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।दशहरा मैदान में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रात 8:37 बजे कुंभकरण, 8:38 बजे मेघनाथ और 8:42 बजे रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतलों में लगी आतिशबाजी से पूरा मैदान गूंज उठा। रावण की नाभि में चकरी चलने सहित विभिन्न आतिशबाजी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रही। कार्यक्रम का दो सीसीटीवी मेगा स्क्रीन के माध्यम से सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे मैदान में मौजूद लोगों को आयोजन देखने में सुविधा मिली।सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दशहरा मैदान में डबल बैरिकेडिंग की गई थी। आगजनी की स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और किसी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एंबुलेंस भी तैनात रही।दशहरा महोत्सव में स्वांगधारी बच्चों ने विभिन्न धार्मिक और पौराणिक पात्रों का रूप धारण कर अपनी अभिनय कला का प्रदर्शन किया। आयोजन समिति की ओर से कुल 108 स्वांगधारी बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।स्वर्गीय अविनाश अरोरा गंगानगर की स्मृति में नीरज अरोरा गंगानगर की ओर से प्रथम पुरस्कार के रूप में 5100 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 3100 रुपये और तृतीय पुरस्कार 2100 रुपये प्रदान किए गए। इसके अलावा सभी स्वांगधारियों को 500 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया गया।रावण बने सुभाष शर्मा को प्रथम पुरस्कार के रूप में एलईडी टीवी, जगन्नाथ का स्वांग रचने वाले दीक्षित खंडेलवाल को द्वितीय पुरस्कार के रूप में होम थिएटर और कालिका माता बने गोपाल राजपूत को तृतीय पुरस्कार के रूप में जूसर मिक्सर प्रदान किया गया। इसके साथ ही 20 विशेष पुरस्कार और अन्य प्रतिभागियों को आकर्षक सांत्वना पुरस्कार दिए गए।स्वर्गीय घनश्याम गोयल (वृंदावन) की स्मृति में भी 10 पुरस्कार प्रदान किए गए। राधा बनी प्राप्ति जायसवाल और सीता बनी वैष्णवी नागर सहित अन्य स्वांगधारियों को अतिथियों ने सम्मानित किया।कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट निलेश पाटीदार और एडवोकेट चंचल बाहेती ने किया। इस अवसर पर सचिव अमरिश शर्मा, निलेश पाटीदार, नीतेश सोनी,सौरव यादव, मनीष धरती, घनश्याम शर्मा, पुलकित देर, अमित शर्मा, महेश कुशवाहा और रॉबिन सेठिया सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।