नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने 13 अक्टूबर 2026 को भोपाल में आदिवासी छात्रों के आंदोलन के दौरान जातिसूचक गाली-गलौज के मामले में मिसरोद के तत्कालीन थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में जयस की ओर से नीमच एसपी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करने तथा संबंधित अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने की मांग की गई।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि भोपाल में आदिवासी छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे थे। इसी दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा आदिवासी छात्रों को उनकी पहचान और सम्मान के प्रतीक 'जय जोहार' शब्द को लेकर कथित रूप से जातिसूचक एवं अपमानजनक गालियां दी गईं। जयस ने इस मामले को आदिवासी समाज के सम्मान, सांस्कृतिक पहचान और स्वाभिमान से जुड़ा बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है।ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि उपलब्ध वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित किया जाए। संगठन का कहना है कि केवल निलंबन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी को सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए।जयस ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो 18 अक्टूबर 2026 को भोपाल में लोकतांत्रिक जनआक्रोश महाआंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त भोपाल सहित संबंधित राज्य एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोगों को भी भेजी गई है।