नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। कृषि उपज मंडी समिति नीमच में किसानों से अवैध वसूली, मंडी नियमों की अनदेखी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मंडी में किसानों को उपज बेचने के दौरान हो रही परेशानियों को उठाते हुए निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई।ज्ञापन में भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मंडी में हम्माली की दरों में वृद्धि के बावजूद किसानों से प्रत्येक बोरी अथवा दाग पर अतिरिक्त 10 से 20 तक की राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। विशेष रूप से मूंगफली के 30 किलोग्राम के दाग पर ₹10 अतिरिक्त लेने की बात कही गई है। पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि यह राशि किस नियम के तहत ली जा रही है। उन्होंने कथित अवैध वसूली की जांच कर अनियमितता पाए जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

**स्पॉट पर भरपाई और भुगतान व्यवस्था पर उठाए सवाल**

ज्ञापन में मंडी बोर्ड एवं शासन के नियमों के अनुसार स्पॉट पर भरपाई की व्यवस्था लागू कराने की मांग की गई। साथ ही किसानों को कृषि उपज का भुगतान मंडी प्रांगण में ही उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई। पदाधिकारियों का कहना है कि भुगतान के लिए किसानों को मंडी परिसर से बाहर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।इसके अलावा मंडी में पाल का अधिकृत ठेका नहीं होने के बावजूद हम्मालों द्वारा पाल बिछाने के नाम पर किसानों से ₹10 से ₹20 तक वसूले जाने की शिकायत भी ज्ञापन में की गई। इस राशि की वसूली के आधार की जांच कर अनधिकृत वसूली पाए जाने पर उसे बंद कराने की मांग उठाई गई।

**अश्वगंधा की तुलाई और फसल चोरी का मुद्दा भी उठाया**

भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने अश्वगंधा की नीलामी के दौरान किसानों की पूरी उपज नहीं तौले जाने का आरोप लगाया। ज्ञापन में कहा गया कि कुछ माल शेष छोड़ दिए जाने से किसानों को नुकसान होने की शिकायतें हैं। इस मामले की जांच कर पूरी उपज की तुलाई सुनिश्चित कराने और संबंधित जिम्मेदारों से जवाब मांगने की मांग की गई।ज्ञापन में मंडी परिसर में किसानों की फसल चोरी होने की शिकायत भी उठाई गई। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि चोरी की घटनाओं के बाद सीसीटीवी कैमरों की जांच करने पर कई बार कैमरे बंद पाए जाते हैं। उन्होंने कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने, चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

**विश्राम गृह और पेयजल उपलब्ध कराने की मांग**

मंडी में दूर-दराज के गांवों से उपज लेकर आने वाले किसानों के लिए पर्याप्त बैठक एवं विश्राम व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। पदाधिकारियों ने किसान विश्राम गृह की व्यवस्था करने और मंडी परिसर में स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।ज्ञापन के अंत में मंडी की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराने, अवैध वसूली पर रोक लगाने, मंडी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई।ज्ञापन की  प्रतिलिपि मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं प्रदेश के कृषि मंत्री को भी भेजी गई है।