नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जिले के पशुपालकों और दुग्ध विक्रेताओं की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर जिला दुग्ध संघ नीमच ने मंगलवार को प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। दुग्ध संघ ने दूध पर 10 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त बोनस देने, दूध का फेट रेट 11 रुपए निर्धारित करने तथा महंगाई को देखते हुए दूध के भाव तय करने सहित 13 मांगें शासन के समक्ष रखीं।ज्ञापन सौंपने से पहले दुग्ध संघ की एक आवश्यक बैठक गांधी वाटिका में आयोजित की गई। बैठक के बाद संघ के सदस्य रैली के रूप में बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि को सौंपा गया।ज्ञापन में मांग की गई कि दूध के प्रति फेट का सरकारी रेट 11 रुपए निर्धारित किया जाए तथा बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए दूध के भाव तय किए जाएं। शासन की ओर से दूध पर प्रति लीटर 10 रुपए का अलग से बोनस देने और सभी पशुपालकों को पशुपालन के लिए ऋण उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही पशु बीमा योजना से वंचित पशुपालकों को योजना से जोड़ने तथा ग्रामीण क्षेत्रों से दूध बेचने आने वाले दुग्ध विक्रेताओं का शासन स्तर पर बीमा कराने की मांग की गई।दुग्ध संघ ने गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देने, गौवंश की सुरक्षा के लिए सरकारी स्तर पर चारे के भंडारण की योजना बनाने और औद्योगिक इकाइयों में चारा-भूसा जलाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। ज्ञापन में खल-कपासिया में पुट्ठे की मिलावट रोकने तथा खल-कपासिया के भाव निर्धारित करने की मांग भी शामिल है।इसके अतिरिक्त पशुओं के लिए चारे की निकासी को गौशालाओं से संबंधित अधिकृत पत्र प्रस्तुत करने की व्यवस्था से जोड़ने, दुग्ध मंडी के लिए अलग से भूमि आवंटित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों से दूध बेचने आने वाले विक्रेताओं के लिए विश्रामगृह और दूध की टंकियां धोने के लिए उचित स्थान निर्धारित करने की मांग रखी गई।जिला दुग्ध संघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पशुपालकों और दुग्ध विक्रेताओं की इन मांगों पर शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लेकर उनका निराकरण किया जाए, ताकि पशुपालकों को आर्थिक राहत मिल सके और दुग्ध व्यवसाय से जुड़े लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।