नीमच। महेंद्र उपाध्याय। स्वामित्व रजिस्ट्री अभियान को लेकर पटवारियों और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। जिले में तीन पटवारियों की बर्खास्तगी के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में पटवारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। विरोध का अंदाज भी अलग रहा। पटवारी हाथों में फूल-मालाएं लेकर पहुंचे और बर्खास्त किए गए अपने साथियों का सम्मान करते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर तंज कसा।मध्यप्रदेश पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह चुण्डावत ने कहा कि स्वामित्व रजिस्ट्री के काम में कई तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर संघ द्वारा पूर्व में प्रशासन को ज्ञापन भी दिया गया था, लेकिन खामियां दूर किए बिना ही पटवारियों पर काम का दबाव बनाया जा रहा है। इसी बीच जिले के तीन पटवारियों को बर्खास्त किए जाने से संघ में आक्रोश है।पटवारियों ने प्रशासन से सवाल किया कि जब प्रदेश और जिले के अन्य पटवारी भी स्वामित्व रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं को लेकर विरोध कर रहे हैं, तो केवल तीन पटवारियों के खिलाफ ही कार्रवाई क्यों की गई। संघ ने मांग की कि यदि संबंधित पटवारियों से कोई गलती हुई है तो प्रशासन स्पष्ट रूप से बताए कि उनका दोष क्या है।प्रदर्शन के दौरान पटवारियों ने ‘जिला प्रशासन होश में आओ’ के नारे लगाए और कलेक्टर से सीधे मुलाकात की मांग की। कलेक्टर से चर्चा नहीं होने पर पटवारी कलेक्टर कार्यालय के प्रवेश द्वार पर ही धरने पर बैठ गए।माला लेकर पहुंचे पटवारियों ने बर्खास्त किए गए अपने साथियों का सम्मान किया। चुण्डावत ने कहा कि नौकरी से बर्खास्त किए जाने के बावजूद उनके साथी आंदोलन में उनके साथ खड़े हैं, इसलिए उनके सम्मान में मालाएं लाई गई हैं। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर तंज कसते हुए कहा कि यदि नौकरी ही समाप्त कर दी गई है तो प्रशासन उन्हें माला पहनाकर सम्मानपूर्वक घर भेज दे।पटवारी संघ ने स्पष्ट किया कि कलमबंद हड़ताल शुरू हो चुकी है। संघ की मांग है कि स्वामित्व रजिस्ट्री से जुड़े प्रावधानों में आवश्यक संशोधन किए जाएं तथा बर्खास्त किए गए पटवारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस ली जाए। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।सुनवाई नहीं होने के विरोध में पटवारियों ने करीब दस मिनट का मौन भी रखा। प्रदर्शन के चलते कलेक्टर कार्यालय परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा।