नीमच। महेंद्र उपाध्याय। मनासा थाना क्षेत्र के ग्राम भाटखेड़ी बुजुर्ग निवासी 11 वर्षीय धर्मपाल पिता मंगल कीर की उपचार के दौरान मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया।परिजनों ने मनासा थाने का घेराव कर चक्काजाम किया और संबंधित चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की।घटनाक्रम के बाद प्रशासन द्वारा संबंधित चिकित्सक के अस्पताल को सील किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।मृतक के पिता मंगल और जिला पंचायत सदस्य आर सागर कच्छावा ने बताया कि धर्मपाल को बीती रात सर्दी-खांसी की शिकायत थी। उपचार के लिए उसे मनासा स्थित डॉ. सुनील पाटीदार के यहां ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि उपचार के दौरान इंजेक्शन लगाने के बाद बालक के मुंह से झाग आने लगे और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।घटना के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने मनासा थाने का घेराव कर चक्काजाम किया और मामले में कार्रवाई की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद बालक के शव को नीमच जिला अस्पताल लाया गया,जहां चिकित्सकों की पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया।इधर,घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने संबंधित चिकित्सक के अस्पताल को सील कर दिया।प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद मामले को लेकर जांच और आगे की कार्रवाई की जा रही है।पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। परिजनों ने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग रखी है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका यह भी कहना है कि यदि शव को यहां से ले भी जाया जाता है तो मनासा में शव रखकर दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा।