नीमच। महेंद्र उपाध्याय। रामपुरा तहसील के ग्राम भमेसर स्थित श्रीराम-लक्ष्मण-जानकी मंदिर एवं मंदिर परिसर की भूमि पर कब्जे के प्रयास को लेकर 10 गांवों के मेघवाल समाज के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मंदिर भूमि को कब्जे से मुक्त रखने और मामले में कार्रवाई की मांग की गई।ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम भमेसर स्थित श्रीराम-लक्ष्मण-जानकी मंदिर मेघवाल समाज से संबंधित है। मंदिर की सराय तथा उससे लगी सर्वे नंबर 571, भूखंड संख्या 447 की भूमि पर गोपाल पिता वरदीचंद, संतोषबाई पति गोपाल और हरीश पिता गोपाल निवासी भमेसर द्वारा कब्जा करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया है। समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि जब पंचों ने इसका विरोध किया तो संबंधित पक्ष द्वारा विवाद की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया गया।ज्ञापन के अनुसार 3 अक्टूबर को समाज के पंचों द्वारा सराय के मुख्य गेट पर जाली लगाई जा रही थी। आरोप है कि इस दौरान जाली निकालकर फेंक दी गई तथा सराय की कुछ दीवारों में भी तोड़फोड़ की गई।
समाज प्रतिनिधियों ने बताया कि मंदिर की भूमि वर्ष 1992 में भंवरलाल पिता गमेरजी एवं मांगीलाल पिता उदा निवासी भमेसर द्वारा मेघवाल समाज को दान में दी गई थी। इसके बाद से भूमि पर समाज का कब्जा एवं अधिकार होने की बात ज्ञापन में कही गई है। दानपत्र की छायाप्रति और बी-1 खसरा नकल भी आवेदन के साथ संलग्न किए जाने की जानकारी दी गई।ज्ञापन में यह भी बताया गया कि समाज द्वारा चंदा एकत्र कर करीब 10 लाख रुपए की लागत से मंदिर परिसर में सराय का निर्माण कराया गया है। प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से मामले की जांच कर मंदिर की भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को हटवाने तथा भूमि को सुरक्षित कराने की मांग की।