नीमच। महेंद्र उपाध्याय। जावद तहसील के ग्राम रड़ी लासूर निवासी एक परिवार ने भूमि विवाद को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत आवेदन सौंपा। पीड़ित परिवार ने सर्व समाज एवं करणी सेना के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ कलेक्टर के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर भूमि विवाद में न्याय दिलाने, सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।आवेदन में सुरजमल पिता बिहारीलाल बंजारा, शारदाबाई पति सुरजमल बंजारा और तुलसीबाई पति राहुल बंजारा ने बताया कि उनकी करीब एक बीघा कृषि भूमि ग्राम रड़ी लासूर में स्थित है। उनके अनुसार उक्त भूमि उन्होंने करीब दो वर्ष पूर्व सुरेश पिता अंबालाल बंजारा और राजू पिता अंबालाल बंजारा निवासी रड़ी लासूर से खरीदी थी। परिवार का कहना है कि यही भूमि उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है।शिकायत में आरोप लगाया गया कि परिवार के कुछ लोगों ने उनकी भूमि में से जबरन रास्ता निकाल दिया। इस संबंध में एसडीएम एवं तहसीलदार जावद को शिकायत करने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली। आवेदकों ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि को अतिक्रमण की श्रेणी में बताया गया है, जबकि आसपास अन्य लोगों की जमीनों पर भी कब्जे होने के बावजूद केवल उनकी भूमि के संबंध में कार्रवाई की गई।परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के चलते उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है तथा गांव से चले जाने और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त करने का भी आरोप लगाया गया है।आवेदन में करीब 10 दिन पूर्व परिचित राजू भील के उनके घर आने के दौरान रास्ता रोककर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और उसकी कार में तोड़फोड़ किए जाने का आरोप भी लगाया गया। परिवार के अनुसार घटना की सूचना डायल-112 को दी गई थी और पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन शिकायत में नामजद लोगों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से मांग की कि भूमि की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि भूमि शासकीय है और उनके द्वारा अतिक्रमण किया गया है तो जिस व्यक्ति से उन्होंने भूमि खरीदी थी, उससे संबंधित भूमि दिलाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही आसपास की जमीनों पर कब्जे की भी जांच कर समान रूप से कार्रवाई करने, भूमि को अतिक्रमण संबंधी आदेश से मुक्त कराने तथा परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।