नीमच। महेंद्र उपाध्याय। विगत 35 वर्षों से नीमच के संगीत प्रेमियों के दिलों को छूने वाले गीतों की प्रस्तुतियां देने वाली संस्था हार्मनी परिवार की ओर से शनिवार 3 अक्टूबर को राठौर परिसर में ‘सुरों से सितारों तक’ संगीत निशा का आयोजन किया गया। रात 8 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में करीब 25 से 27 लोकप्रिय गीतों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
1991 में स्थापित संगीत एवं कला को समर्पित हार्मनी परिवार के वरिष्ठ सदस्य जम्बू कुमार जैन, रवि शर्मा एवं प्रशांत मित्तल ने बताया कि कार्यक्रम में विधायक दिलीप सिंह परिहार, आईडीबीआई बैंक नीमच के शाखा प्रबंधक रोहित सिंह ठाकुर, ज्ञानोदय विश्वविद्यालय के अनिल चौरसिया, उद्योगपति एवं समाजसेवी डी.एस. चौरडिया, कैलाश सुनील धानुका, संतोष चोपड़ा, योगिता आशीष अग्रवाल, रमा सौरभ जिंदल, डॉ. रंजना दीपक सिंघल, राजश्री पवन मंगल (भीलवाड़ा), पारस अभिषेक नागोरी, प्रभादेवी जयंतीलाल पितलिया, आशा भारत जारोली, तनीषा दीपांशु गर्ग, शशि राजेश जैन एवं प्रियंका मनीष गोयल अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।कार्यक्रम की खासियत यह रही कि प्रत्येक गीत के गीतकार, संगीतकार, गायक और फिल्म से जुड़ी जानकारी के साथ उससे संबंधित ऐतिहासिक घटनाओं का भी मेघा स्क्रीन पर प्रदर्शन किया गया। मुंबई और इंदौर के प्रशिक्षित कलाकारों की टीम ने करीब 25 से 30 वाद्य यंत्रों के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
नीमच सहित चित्तौड़गढ़, मंदसौर और मेवाड़-मालवांचल क्षेत्र से बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी कार्यक्रम में पहुंचे। कार्यक्रम का संचालन अर्चना बोकाडिया एवं भूपेंद्र भारद्वाज ने किया। आभार जम्बू कुमार जैन ने व्यक्त किया।

*इन कलाकारों ने दी गीतों की प्रस्तुति*

हार्मनी कार्यक्रम में सुरेश कान्हा गुलशन ने सरस्वती वंदना, डॉ. अमृता सोनी ने ‘बेदर्दी बालमा तुझको’, संगीता नागदे ने ‘सुन साहिबा सुन’, निष्ठा कंडारा ने ‘पान खाए सैयां हमारों’, मुस्तफा ने ‘यह जो चिलमन है’, जम्बू कुमार व हर्षदा ने ‘दीवाना हुआ बादल’, आशी अरोरा ने ‘तू क्या जाने वफा’, डॉ. पंकज सोनी ने ‘तेरे चेहरे में वो जादू है’, राजश्री जायसवाल ने ‘दिल दीवाना बिन सजना के’, शिवा मित्तल ने ‘फिजा भी है जवां-जवां’ एवं ‘इकतारा इकतारा’, हर्षदा ने ‘दइया यह मैं कहां आ फंसी’, भूपेंद्र व निष्ठा ने ‘एक हसीना थी’, डॉ. अमृता सोनी ने ‘सायोनारा सायोनारा’, कमलेश व भूपेंद्र ने ‘एक चतुर नार’, प्रियंका शर्मा ने ‘रंगीलो मारो ढोलना’, भूपेंद्र व रवि ने ‘बरसात के मौसम में’, हर्षद ने ‘हंगामा हो गया’, जम्बू कुमार जैन ने ‘राम तेरी गंगा मैली हो गई’, निष्ठा कंडारा ने ‘सिलसिला यह चाहत का’, सूरज नैनवाया ने ‘तड़प तड़प के इस दिल से’, रवि व संगीता ने ‘दिल तेरा दीवाना है सनम’, भूपेंद्र ने ‘जिसका कोई नहीं’, राधिका काबरा ने ‘मेड इन इंडिया’ एवं चंद्रशेखर योगी ने ‘प्यार मांगा है तुम्हीं से’ सहित कई मधुर गीतों की प्रस्तुतियां दीं। श्रोताओं ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

*वाद्य कलाकारों ने दी मधुर संगत*

संगीत संध्या में कीबोर्ड पर योगेश पाठक, गिटार पर डैनी कार्टन एवं अमित शर्मा, बांसुरी पर उत्कर्ष यादव, सैक्सोफोन पर अनुराग कामले, ट्रंपेट पर अंश मौर्य, कांगो पर सचिन भोसले, ड्रम पर रजत याग्निक, पैड पर कपिल राठौर, ढोल-कांगो पर रवि खेड़े, ढोल एवं ढोलक पर आशीष सरदाले, तबले पर सुमित मालवीय, कोरस पर गुंजन चौरसिया तथा साउंड पर राहुल इंदौर ने मधुर संगत प्रदान की।