नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। शहर में मेडिकल कॉलेज के एक छात्र के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर मेडिकल कॉलेज के छात्र बड़ी संख्या में कैंट थाने पहुंचे और शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं मामले में मंडी इंस्पेक्टर निलेश चौहान भी अपनी ओर से शिकायत आवेदन देने कैंट थाने पहुंचे। दोनों पक्षों की ओर से दिए गए आवेदनों के आधार पर पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।मेडिकल कॉलेज के छात्र हर्ष गुप्ता ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात वह एक होटल से खाना खाकर बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान एक कार तेज गति से आई और उनकी बाइक को हल्की टक्कर लगी। छात्र के अनुसार, कार सवार व्यक्ति ने उनके साथ गाली-गलौज की। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और धक्का-मुक्की एवं मारपीट हुई। छात्र का कहना है कि उसने अपने बचाव में सामने वाले व्यक्ति को पीछे धकेला, जिससे वह गिर गया।हर्ष गुप्ता ने आरोप लगाया कि इसके बाद कार सवार ने उन्हें कार से कुचलने तथा जान से मारने की धमकी दी। छात्र के अनुसार, शनिवार सुबह मेडिकल कॉलेज परिसर के गेट के पास दो अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की और कुल्हाड़ी से हमला करने का प्रयास किया। छात्र ने बताया कि उसने हमले से बचने का प्रयास किया, जिससे उसके शरीर पर चोट आई। उसके साथ मौजूद अन्य छात्रों के साथ भी हाथापाई किए जाने का आरोप लगाया गया है।छात्र ने आरोप लगाया कि उसे और अन्य विद्यार्थियों को धमकियां दी जा रही हैं तथा उनके भविष्य और करियर को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई है। छात्र ने पुलिस से सुरक्षा और मामले में कार्रवाई की मांग की है।उसके अनुसार,घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान फिलहाल स्पष्ट नहीं है हालांकि वाहन का नंबर उनके पास होने की बात कही गई है।घटना की जानकारी मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज के डीन  भी कैंट थाने पहुंचे। बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज के छात्र थाने पर मौजूद रहे और सुरक्षा की मांग करते हुए अपना पक्ष पुलिस के समक्ष रखा।वहीं इस मामले में मंडी इंस्पेक्टर निलेश चौहान से संपर्क किए जाने पर उन्होंने छात्र पक्ष के आरोपों से अलग अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उक्त छात्र नशे में थे और उनके साथ मारपीट की गई। निलेश चौहान ने इससे अधिक जानकारी देने से इनकार किया।समाचार लिखे जाने तक कैंट पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के आवेदन लिए जा रहे थे तथा मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही थी। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति और आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।