नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। शहर को अतिक्रमण मुक्त और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई किए जाने के दावे के बीच वार्ड नंबर 17 में सार्वजनिक रास्ते से जुड़ा एक मामला नगर पालिका की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।वार्ड 17 स्थित कॉम्प्लेक्स के समीप मांगलिक भवन की ओर जाने वाले मुख्य रास्ते पर पाल और चादर लगाकर की गई घेराबंदी का मामला पूर्व में ही नगर पालिका के संज्ञान में लाया जा चुका है, लेकिन अब तक मौके पर कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।बताया जा रहा है कि आम आवागमन के लिए उपयोग होने वाले रास्ते के एक हिस्से को घेरकर उपयोग किए जाने की शिकायत सामने आई थी। मामले में नगर पालिका के दरोगा सुनील कल्याणी द्वारा अपनी विभागीय जिम्मेदारी के तहत रिपोर्ट स्वास्थ्य अधिकारी दिनेश टांक को पूर्व में ही भेजी जा चुकी थी। इसके बाद मामले की जानकारी नगर पालिका के वरिष्ठ अधिकारियों तक भी पहुंची।
मामले को लेकर पूर्व में नगर पालिका CMO दुर्गा बामनिया से चर्चा की गई थी। उस समय उन्होंने प्रकरण उनके संज्ञान में आने की बात कही थी। वहीं वार्ड नंबर 17 की पार्षद छाया जायसवाल ने भी पूर्व में मामले को गंभीरता से लेते हुए आम रास्ते पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराने की बात कही थी।
हालांकि,इन बयानों और मामले के नगर पालिका के संज्ञान में आने के बाद भी अभी तक मौके पर कार्रवाई नहीं होने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है जब संबंधित विभागीय अमले द्वारा मामले की रिपोर्ट पहले ही भेजी जा चुकी थी और अधिकारियों के संज्ञान में भी प्रकरण आ गया था, तो इसके बाद भी सार्वजनिक रास्ते को लेकर स्थिति स्पष्ट करने अथवा नियमानुसार कार्रवाई करने में देरी क्यों हो रही है, यह सवाल अब सामने आ रहा है।यदि मौके पर की गई घेराबंदी नियम विरुद्ध है तो नगर पालिका को नियमानुसार कार्रवाई कर सार्वजनिक मार्ग आवागमन के लिए मुक्त होना चाहिए।नगर पालिका प्रशासन द्वारा शहर में अतिक्रमण और अव्यवस्थित निर्माण के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जाती रही है। ऐसे में वार्ड 17 के इस मामले में भी लोगों की नजर अब नगर पालिका की अगली कार्रवाई पर है। खास तौर पर तब, जब प्रकरण पूर्व में ही संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में आ चुका था।अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन इस मामले में स्थल निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच के बाद क्या निर्णय लेता है और सार्वजनिक रास्ते को लेकर उत्पन्न स्थिति का नियमानुसार निराकरण कब तक किया जाता है। इसके अतिरिक्त भी यहां पुलिया के पास लंबे समय से गुमटी रखकर ओर पक्का निर्माण कर अतिक्रमण हो रहा है जिस पर पूर्व में नगर पालिका ने कार्रवाई की थी मौके पर विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई थी और अतिक्रमण हटाने के बाद पुनःअतिक्रमण कर्ताओ द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा कर अतिक्रमण करलिया गया।