नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। नयागांव फाटक पर लंबे समय तक रेलवे फाटक बंद रहने के कारण मरीज की हालत बिगड़ने और बाद में मौत होने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर श्री चंद्रवंशी ग्वाला-गवली समाज कैंट की ओर से गुरुवार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन कलेक्टर प्रतिनिधि डिफ्टी कलेक्टर चंद्र सिंह धारवे को सौंपा गया। समाज ने नयागांव फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण सहित मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की है।ज्ञापन में बताया गया कि 29 सितंबर को स्कीम नंबर-9, नीमच कैंट निवासी सावरिया सुराह पिता सूरज सुराह की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला चिकित्सालय नीमच लाया गया था। चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने पर उदयपुर रेफर किया। परिजन एंबुलेंस से उन्हें उदयपुर लेकर रवाना हुए, लेकिन नयागांव फाटक पर रास्ता बंद मिला।समाज का आरोप है कि विक्रम फैक्ट्री की ओर जाने वाली रेलवे लाइन पर मालगाड़ी निकलने से करीब 30 से 35 मिनट पहले फाटक बंद कर दिया गया तथा मालगाड़ी निकलने के करीब 15 मिनट बाद खोला गया। इस तरह लगभग 50 मिनट तक फाटक बंद रहने से एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिल सका। फाटक खुलने के बाद मरीज को आगे ले जाया गया, लेकिन मंगलवाड़ चौराहे के आसपास सावरिया की मौत हो गई।ज्ञापन में बताया गया कि सावरिया पांच बहनों का इकलौता भाई था। परिवार में कोई दूसरा पुत्र नहीं होने के कारण उसकी मौत से परिवार के सामने गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है। समाज ने कहा कि नयागांव फाटक पर लंबे समय से ओवरब्रिज की आवश्यकता महसूस की जा रही है और फाटक बंद रहने के कारण पूर्व में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।ग्वाला-गवली समाज ने शासन-प्रशासन से नयागांव फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण कराने, मृतक सावरिया के परिवार को उचित मुआवजा देने तथा परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि सांसद सुधीर गुप्ता, नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार और पुलिस अधीक्षक नीमच को भी दी गई है।