नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खाने के बाद 22 वर्षीय युवती की उपचार के दौरान मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में परिजन और समाजजन एकत्रित हुए। परिजनों ने एक निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और न्याय की मांग की। हालांकि, निजी अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से इनकार करते हुए अपना पक्ष रखा है।परिजनों के अनुसार तनीषा पिता मनीष पड़िहार,उम्र करीब 22 वर्ष, मूल निवासी रामपुरा और वर्तमान निवासी इंद्रानगर, गुरुवार सुबह अपने पिता मनीष को बस पर छोड़ने गई थी। मनीष बस चालक हैं।इसके बाद तनीषा ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों के मुताबिक किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे मनासा शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे नीमच रेफर किया गया।परिजनों का आरोप है कि मनासा से रेफर किए जाने के बाद अज्ञात व्यक्ति युवती को नीमच के ज्ञानोदय अस्पताल लेकर पहुंचा। उनका कहना है कि युवती के साथ उस समय परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। परिजनों ने सवाल उठाया कि ऐसी गंभीर स्थिति में अज्ञात व्यक्ति उसे निजी अस्पताल क्यों लेकर गया और वहां उसकी स्थिति को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई गई। बाद में युवती को जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।जिला अस्पताल में मौजूद परिजन श्याम पड़िहार और बुआ संगीता बोरान ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में अज्ञात व्यक्ति की भूमिका के साथ ही निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि युवती को गंभीर अवस्था में उदयपुर ले जाने की सलाह दी गई थी तो उसे जिला अस्पताल लाने की स्थिति और इसके पीछे की पूरी परिस्थितियों की जांच होना जरूरी है।

*अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों पर रखा अपना पक्ष*

मामले को लेकर ज्ञानोदय हॉस्पिटल के प्रबंधक राजा चौरसिया से फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि तनीषा को एक अटेंडर मनासा से ज्ञानोदय अस्पताल लेकर आया था। युवती की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने जांच की और उसके बाद उसे उदयपुर ले जाने की सलाह दी गई थी। चौरसिया के अनुसार युवती को ज्ञानोदय हॉस्पिटल में न तो भर्ती किया गया और न ही उसका उपचार शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि अस्पताल की ओर से स्थिति की जानकारी अटेंडर को पहले ही बता दी गई थी। फिलहाल युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसे मनासा से नीमच लाने वाले व्यक्ति की भूमिका क्या थी, यह जांच का विषय है। मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।