नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। जिले के जीरन तहसील क्षेत्र के ग्राम मालिया निवासी मेघवाल परिवार ने बुधवार को समाजजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में देवनारायण मंदिर के पुजारी मोहनलाल मेघवाल ने गांव के कुछ लोगों पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने, गाली-गलौज करने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।ज्ञापन में मोहनलाल मेघवाल ने बताया कि वह ग्राम मालिया स्थित शासकीय देवनारायण मंदिर में पुजारी हैं और करीब चार पीढ़ियों से उनका परिवार मंदिर की सेवा करता आ रहा है। उनके अनुसार 16 सितंबर को मंदिर में छठ का कार्यक्रम आयोजित हुआ था। पूजा के बाद उनके और उनके भाई मदनलाल द्वारा श्रद्धालुओं एवं बच्चों को प्रसाद वितरित किया गया। इसी दौरान प्रसाद को लेकर विवाद की स्थिति बनी।आवेदन के अनुसार, जब मोहनलाल और उनके पुत्र द्वारा प्रसाद वितरण को लेकर श्री रामजानकी मंदिर के पुजारी के घर जाकर बात की गई तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें जातिसूचक शब्दों से संबोधित करते हुए अपमानित किया और गाली-गलौज की। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उन्हें मंदिर के पुजारी पद से हटवाने के लिए झूठी शिकायत करने की धमकी भी दी गई।पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। आवेदन में एक युवक द्वारा वाहन से कुचलकर मारने की धमकी देने का भी उल्लेख किया गया है।ज्ञापन में बताया गया कि 17 सितंबर को डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। पीड़ित का आरोप है कि उस दौरान दबाव बनाकर उससे राजीनामा लिखवाया गया तथा 2100 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इसके बावजूद 22 सितंबर को संबंधित लोगों द्वारा अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर अधिकारियों के समक्ष उनके खिलाफ आवेदन प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया।मेघवाल परिवार ने एसपी कार्यालय में दिए ज्ञापन में पूरे मामले की किसी वरिष्ठ अधिकारी से मौके पर जांच कराने, कथित जातिसूचक टिप्पणी,गाली-गलौज एवं धमकी के आरोपों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान पीड़ित परिवार के साथ समाजजन भी मौजूद रहे। बता दे की इसी मामले को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को जनसुनवाई में उक्त पुजारी के खिलाफ शिकायती आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी।