नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। नीमच से सिंगोली मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य में डायवर्शन और वाहन निकासी की व्यवस्था को लेकर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। सोमवार देर रात मालखेड़ा के समीप निर्माणाधीन मार्ग पर मिट्टी में एक ट्रक पलट गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन ट्रक क्षतिग्रस्त हो गया। इसके कुछ ही दूरी पर मंगलवार सुबह सड़क खुदाई के दौरान जल जीवन मिशन की पाइपलाइन फूट गई। पाइपलाइन फूटने से हजारों लीटर पानी सड़क पर बह गया और काफी ऊंचाई तक पानी का फव्वारा दिखाई दिया। पानी भरने से कुछ समय के लिए आवागमन भी बाधित रहा।जानकारी के अनुसार मालखेड़ा क्षेत्र में नीमच-सिंगोली मार्ग का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण के दौरान वाहनों की आवाजाही के लिए किए गए डायवर्शन में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सोमवार देर रात निर्माणाधीन हिस्से में मिट्टी पर से गुजरते समय एक ट्रक पलट गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई। हालांकि ट्रक को नुकसान पहुंचा।स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर सड़क और डायवर्शन की स्थिति को देखते हुए भारी वाहनों की आवाजाही जोखिमपूर्ण बनी हुई है। कई स्थानों पर सड़क का काम हल्का होने तथा वाहनों के टायर धंसने की स्थिति बनने की बात भी सामने आई है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।ट्रक हादसे के कुछ ही दूरी पर मंगलवार सुबह सड़क निर्माण के दौरान जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पानी की पाइपलाइन भी फूट गई। पाइपलाइन टूटते ही तेज दबाव से पानी का फव्वारा निकलने लगा और देखते ही देखते सड़क पर पानी फैल गया। हजारों लीटर पानी बहने से मार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई।पानी सड़क पर फैलने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और करीब एक किलोमीटर तक जाम लगने की जानकारी सामने आई। पानी का बहाव कम होने के बाद यातायात सामान्य हो सका। घटना की सूचना मिलने पर निर्माण कंपनी डीबीएल के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।स्थानीय लोगों ने जल जीवन मिशन की पाइपलाइन बिछाने के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कई स्थानों पर पाइपलाइन सड़क के बेहद करीब शोल्डर क्षेत्र में डाली गई है। सड़क चौड़ीकरण या निर्माण कार्य के दौरान ऐसी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की आशंका पहले से रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि भविष्य में सड़क चौड़ी होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पाइपलाइन को पर्याप्त दूरी पर बिछाया जाना चाहिए था।एक ही क्षेत्र में रात में ट्रक पलटने और अगले दिन पाइपलाइन फूटने की घटनाओं के बाद नीमच-सिंगोली मार्ग के निर्माण कार्य की गुणवत्ता, डायवर्शन व्यवस्था और संबंधित विभागों के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।