नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। ग्राम रोजगार सहायक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के आह्वान पर बुधवार को ग्राम रोजगार सहायकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्राम रोजगार सहायक (पदेन सहायक सचिव) का पंचायत सहायक सचिव के पद पर आमेलन करने तथा पंचायत सचिवों के समान सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से रखी गई। सागर मंथन संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 1 अक्टूबर 2026 तक मांगों के संबंध में आदेश जारी नहीं किए गए तो 2 अक्टूबर के बाद अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल,कंप्यूटर बंद, धरना-प्रदर्शन,भूख हड़ताल और आमरण अनशन सहित चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।ज्ञापन में ग्राम रोजगार सहायकों ने कहा कि 28 जून 2023 को भोपाल के मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित महापंचायत में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम रोजगार सहायकों की नियुक्ति, स्थानांतरण सहित अन्य प्रक्रियाएं पंचायत सचिवों के समान किए जाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद घोषणाओं की प्रतिपूर्ति के लिए शासन स्तर पर समिति का गठन भी किया गया,लेकिन संबंधित मांगों पर अब तक अंतिम आदेश जारी नहीं हुए हैं।संगठन ने बताया कि विभिन्न अवसरों पर पंचायत मंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों के समक्ष मांगें रखी गईं। 2025 में विभागीय बैठकों, मुख्यमंत्री निवास पर प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात तथा 22 दिसंबर 2025 को आयोजित कार्यक्रम में भी लंबित मांगों के निराकरण का आश्वासन मिलने का उल्लेख ज्ञापन में किया गया है। 20 मई 2026 को जंबूरी मैदान भोपाल में आयोजित ग्राम रोजगार सहायकों के महासम्मेलन में भी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया था।सागर मन्थन ज्ञापन के अनुसार 24 जुलाई 2026 को पंचायत मंत्री के कार्यालय से ग्राम रोजगार सहायकों को पंचायत सहायक सचिव पद पर आमेलित करने,पंचायत सचिवों के समान निश्चित वेतनमान एवं ग्रेड-पे तथा सेवा शर्तों के निर्धारण के संबंध में समिति अध्यक्ष को पत्र लिखा गया था। वहीं 18 अगस्त 2026 की बैठक में अनुकंपा नियुक्ति, अनुग्रह सहायता राशि,एनपीएस/ईपीएफ कटौती और आयुष्मान योजना सहित अन्य सुविधाओं के संबंध में भी निर्देश दिए जाने का दावा संगठन ने किया है।ग्राम रोजगार सहायकों ने कहा कि प्रदेश में करीब 23 हजार रोजगार सहायक शासन की योजनाओं को ग्रामीण स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने से उनमें नाराजगी है। ज्ञापन सौंपते हुए संगठन ने शासन से 1 अक्टूबर तक मांगों के संबंध में स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की,अन्यथा 2 अक्टूबर के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।