नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान संघ जिला नीमच के नेतृत्व में ट्रैक्टर रैली निकाली गई। दशहरा मैदान से शुरू हुई रैली में किसान ट्रैक्टरों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर कृषि, सिंचाई, विद्युत और राजस्व से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की मांग की गई।भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दावा राशि के भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, जिले की शॉर्टफॉल रिपोर्ट किसानों को उपलब्ध कराने तथा रिमोट सेंसिंग के स्थान पर पुन: फसल कटाई प्रयोग शुरू करने की मांग की। साथ ही केला और मिर्च को फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग रखी गई।किसान संघ ने सभी कृषि उपज मंडियों में समर्थन मूल्य पर उपज खरीदी सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक मानक परीक्षण, डोकेज टेस्टिंग और ग्रेडिंग मशीनें लगाने, 10 टन वाले कांटे से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का वजन कराने तथा मंडियों में लगे कैमरों को 24 घंटे चालू रखने की मांग की। सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पंजीयन शुरू करने तथा धान, मक्का, ज्वार और बाजरा सहित खरीफ फसलों की सरकारी खरीदी की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
ज्ञापन में पिछले दो माह के दौरान रासायनिक उर्वरकों की कमी से किसानों को हुई परेशानी का उल्लेख करते हुए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, एनपीके पर डीएपी की तरह अनुदान देने और वितरण व्यवस्था सरल बनाने की मांग की गई। अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, वायरस एवं अन्य बीमारियों से खरीफ फसलों को हुए नुकसान की भरपाई तथा किसानों को बीमा योजना का लाभ दिलाने की मांग भी की गई।
किसानों ने कृषि यंत्रों पर अनुदान और कोटा बढ़ाने, जंगली पशुओं से होने वाली फसल क्षति की भरपाई, तार फेंसिंग पर अनुदान और किसान प्रतिनिधियों को शामिल कर जिलास्तर पर योजनाओं की निगरानी समिति गठित करने की मांग रखी।विद्युत संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए संभाग स्तर पर किसान प्रतिनिधियों को शामिल कर समिति बनाने, अधिक भार वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और ट्रांसफार्मर बैंक बनाने की मांग की गई। जले ट्रांसफार्मर 24 घंटे में बदलने के लिए एंबुलेंस सेवा शुरू करने तथा मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। किसानों को नए स्थायी बिजली कनेक्शन देने और सब्जी सहित अन्य फसल उत्पादक किसानों को मांग के अनुसार 24 घंटे बिजली कनेक्शन देने की मांग की गई।राजस्व संबंधी मांगों में रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण दस्तावेज उपलब्ध कराने, खेतों के पारंपरिक रास्तों को नक्शे में दर्ज करने, खेत सड़क योजना शुरू करने, फौती नामांतरण तत्काल करने और पारिवारिक बंटवारे को पूरे परिवार के लिए मान्य करने की मांग की गई। निजी भूमि के इंद्राज दुरुस्ती के अधिकार तहसीलदार को देने, पुराने बंदोबस्त नक्शों के आधार पर नक्शा सुधार करने तथा हक त्याग और नामांतरण संबंधी मामलों का समयबद्ध निराकरण करने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई।इसके अलावा किसानों ने निजी भूमि पर लगे सागवान की कटाई की पात्रता, सभी किसानों को मांग पर सौर ऊर्जा कनेक्शन, गौ अभ्यारण की स्थापना, किसान मंच की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित करने और नियमों के अनुसार कार्य नहीं करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का प्रावधान करने की मांग की।ज्ञापन में नीमच कृषि उपज मंडी के विस्तार के साथ फल एवं सब्जी मंडी अलग से स्थापित करने तथा औषधीय फसलों के लिए मंडी में सोरटेक्स प्लांट लगाने की मांग भी शामिल है। मालवा-निमाड़ में कम बारिश की स्थिति को देखते हुए मिनी स्प्रिंकलर और अन्य सिंचाई उपकरणों पर सब्सिडी बढ़ाने तथा इस वर्ष सभी किसानों को अनुदान पर सिंचाई उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की गई। भारतीय किसान संघ ने सिंचाई परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने और नहरों की सफाई एवं मरम्मत समय पूर्व कराने की मांग भी उठाई।