नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। राजस्थान और गुजरात से रॉयल्टी चुकाकर रेत मंगाकर कारोबार करने वाले व्यापारियों ने नीमच में खनिज विभाग की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई है। गुरुवार को रेत सामग्री व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर वैध रूप से खरीदी गई रेत के भंडारण और स्थानीय स्तर पर परिवहन-विक्रय के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग की।व्यापारियों का कहना है कि नीमच जिले में रेत की खदानें नहीं होने के कारण उन्हें राजस्थान और गुजरात से रॉयल्टी-पेड रेत मंगानी पड़ती है। डंपर और ट्रेलर के माध्यम से रेत नीमच पहुंचने के बाद छोटे निर्माण कार्यों तथा शहर की संकरी गलियों तक सामग्री पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली से सप्लाई की जाती है। व्यापारियों का आरोप है कि वैध रूप से खरीदी और रॉयल्टी चुकाई गई रेत के स्टॉक तथा स्थानीय परिवहन को भी अवैध मानकर कार्रवाई की जा रही है।मामले में व्यापारियों ने यह भी स्वीकार किया कि उनके पास रेत भंडारण की लिखित अनुमति नहीं है। उनका कहना है कि रेत वैध रूप से खरीदी गई और रॉयल्टी-पेड है तथा निजी जमीन पर रखी जाती है, लेकिन भंडारण अनुमति अथवा लाइसेंस की प्रक्रिया छोटे व्यापारियों के लिए जटिल है। व्यापारियों ने कहा कि यदि अनुमति की प्रक्रिया सरल और स्पष्ट की जाती है तो वे आवश्यक लाइसेंस लेने के लिए तैयार हैं।सागर मंथन व्यापारियों ने छोटे स्तर पर एक-दो डंपर तक रेत का भंडारण करने के लिए सरल अनुमति व्यवस्था बनाने की मांग की है। इसके साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रेत की सप्लाई के लिए स्पष्ट नियम तय करने की मांग भी रखी गई है, ताकि वैध रेत का कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों को अनावश्यक कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
*खनिज अधिकारी बोले- बिना अनुमति भंडारण वैध नहीं*
इस मामले में खनिज अधिकारी जेएस भिंडे ने कहा कि व्यापारियों से आवेदन लिए जा रहे हैं और नियमानुसार अनुमति देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति रेत का भंडारण वैध नहीं माना जा सकता और ऐसी स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।