नीमच। महेंद्र उपाध्याय। जिले के जीरन तहसील क्षेत्र के ग्राम सोनियाना में इंडस्ट्री के नाम पर 2 हजार से अधिक हरे वृक्षों की बलि चढ़ाने की तैयारी का मामला सामने आया है। ग्राम सोनियाना की शासकीय भूमि पर प्रस्तावित स्वराज शूटिंग लिमिटेड की औद्योगिक इकाई के लिए बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों की कटाई किए जाने की आशंका जताते हुए ग्राम खेरमालिया निवासी जितमल पिता रामप्रसाद तथा ग्राम जमुनिया कला निवासी राजेश पिता कन्हैयालाल प्रजापति ने प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत कर तत्काल पेड़ कटाई रुकवाने तथा मामले की जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम सोनियाना, तहसील जीरन की शासकीय भूमि सर्वे नंबर 96/1, 98/6, 93/2 एवं 104 में बड़ी संख्या में पुराने एवं नए पेड़ मौजूद हैं।शिकायत में बताया गया है कि उक्त क्षेत्र में करीब 600 बड़े आंवले के पेड़, 550 नीम के पेड़, 75 प्लास के पेड़, करीब 30 बेर-खेजड़ा के पेड़, 350 आंवले के पौधे तथा करीब 350 सागवान के बड़े वृक्ष सहित अनेक नवीन वृक्ष एवं पौधे स्थित हैं। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि इनकी संख्या 2 हजार से अधिक है।
*बिना सक्षम अनुमति पेड़ काटने का आरोप*
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्वराज शूटिंग लिमिटेड द्वारा नवीन औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए उक्त भूमि का आवंटन कराया गया है तथा पेड़-पौधों की वास्तविक जानकारी दिए बिना अथवा असत्य रूप से भूमि आवंटन कराने का मामला जांच का विषय है।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि इन हरे वृक्षों की कटाई की जाती है तो पर्यावरण के साथ-साथ क्षेत्र में मौजूद पशु-पक्षियों और जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आवास को भी नुकसान पहुंचेगा।शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि भूमि आवंटन से पूर्व वन विभाग,ग्राम पंचायत तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के समक्ष पर्यावरण संरक्षण एवं पेड़-पौधों को लेकर आपत्तियां रखी गई थीं। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि क्षेत्र में करीब 1500 हरे-भरे वर्षों पुराने पेड़ बताए गए हैं और इनके अलावा बड़ी संख्या में अन्य वृक्ष भी मौजूद हैं।
*अब तक 3 से 4 हो चुकी शिकायती*
मामले को लेकर शिकायतकर्ताओं ने 25 अगस्त 2026 को तहसीलदार जीरन के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। इसके बाद 27 अगस्त 2026 को भी पेड़ों की कटाई को तत्काल रोकने के संबंध में आवेदन दिया गया। शिकायत में बताया गया है कि मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन नंबर 40234862 पर भी की गई है।इसके अलावा शिकायत की प्रतियां केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव (दिल्ली), मध्यप्रदेश शासन के वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रदीप अहिरवार (भोपाल), नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा,अनुविभागीय अधिकारी जीरन (एसडीएम),वनमंडलाधिकारी नीमच एवं वन एवं पर्यावरण विभाग तथा एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल), भोपाल सहित संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने का उल्लेख आवेदन में किया गया है।
‘*पेड़ कटे तो होगा आंदोलन*
शिकायतकर्ताओं जितमल प्रजापति और राजेश प्रजापति ने प्रशासन से मांग की है कि विधि-विरुद्ध तरीके से की जा रही वृक्षों की कटाई तत्काल रुकवाई जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। आवेदन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि पेड़ों की कटाई की जाती है तो ग्रामीणों द्वारा आंदोलन किया जाएगा तथा इसकी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी एवं जिम्मेदार अधिकारियों की होगी।शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि स्वराज शूटिंग के मालिक द्वारा उन्हें राजनीतिक एवं धनाढ्य होने की बात कहते हुए कानूनी प्रक्रिया में उलझाने और रास्ते से हटाने की धमकी दिए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।अब पूरे मामले में बड़ा सवाल यह है कि औद्योगिक इकाई के लिए प्रस्तावित भूमि पर मौजूद 2 हजार से अधिक हरे वृक्षों की कटाई की अनुमति किस स्तर पर और किन नियमों के तहत दी गई है? शिकायतकर्ताओं की आपत्ति के बाद प्रशासन एवं वन विभाग की जांच में ही स्थिति स्पष्ट होगी।