नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़ मार्ग को फोरलेन स्टेट हाईवे के रूप में विकसित करने की परियोजना को मध्यप्रदेश कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (एचएएम) के तहत विकसित और उन्नत किया जाएगा। मंजूरी मिलने पर नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह को धन्यवाद ज्ञापित किया।
विधायक परिहार ने बताया कि इस महत्वपूर्ण मार्ग के विकसित होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से नीमच, मनासा, रामपुरा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

*95.85 किमी लंबा होगा फोरलेन मार्ग*

नीमच से मनासा और रामपुरा होते हुए झालावाड़ तक जाने वाला यह मार्ग लगभग 95.85 किलोमीटर लंबा है। परियोजना के तहत पूरे मार्ग को पक्के शोल्डर के साथ फोरलेन स्टेट हाईवे के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे इस क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम, सुरक्षित और तेज होने की उम्मीद है।

*चंबल नदी पर बनेगा एलिवेटेड ब्रिज*

परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में चंबल नदी पर लगभग 5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ब्रिज भी शामिल है। इसके निर्माण से मार्ग की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह परियोजना मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच सड़क संपर्क को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

*हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल से होगा निर्माण*

सड़क परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा। परियोजना के लिए स्थल सर्वे और रोड सेंसिटाइजेशन से जुड़े कार्य भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं। मार्ग के फोरलेन में उन्नयन से क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं के विस्तार के साथ व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।विधायक परिहार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सड़क और आधारभूत संरचनाओं के विकास की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है।नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़ मार्ग को फोरलेन स्टेट हाईवे के रूप में विकसित करने की मंजूरी क्षेत्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण सौगात है।