नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। लंबित महंगाई राहत, स्वास्थ्य सुरक्षा सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में पेंशनरों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। संयुक्त विभाग पेंशनर संघ के नेतृत्व में पेंशनरों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की। संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी।पेंशनरों ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से लंबित 2 प्रतिशत महंगाई राहत के आदेश अब तक जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने केंद्रीय तिथि के अनुसार महंगाई राहत तत्काल जारी करने की मांग की। पेंशनरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में राहत राशि में देरी से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ज्ञापन में प्रदेश के संभागीय एवं जिला पेंशन कार्यालयों को यथावत रखने, पेंशनरों के लिए बिना प्रीमियम कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने तथा कम्यूटेशन की वसूली अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष 8 माह करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।पेंशनरों ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद उनकी आर्थिक एवं स्वास्थ्य सुरक्षा काफी हद तक सरकारी नीतियों पर निर्भर रहती है। ऐसे में महंगाई राहत में देरी और स्वास्थ्य बीमा के लिए प्रीमियम का अतिरिक्त भार उनके लिए चिंता का विषय है।संयुक्त विभाग पेंशनर संघ ने सरकार से सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो पेंशनर चरणबद्ध आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।