नीमच। महेंद्र उपाध्याय। जिले की डिकेन पुलिस चौकी में दो डंपर चालकों को से अवैध हिरासत में रखकर मारपीट करने, धमकाने और वाहन छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग करने का मामला सामने आया है। मामले में पीड़ित डंपर चालक सांवरा गुर्जर और प्रधान मीणा ने शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचकर पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों चालकों को जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा तथा जांच के निर्देश दिए हैं।शिकायत में दोनों चालकों ने बताया कि 6 अगस्त 2026 की रात करीब 10 बजे वे डंपर क्रमांक आरजे 09 जीसी 6566 से रतनगढ़ की ओर जा रहे थे। इसी दौरान डिकेन चौकी पुलिस ने वाहन को रोक लिया। आरोप है कि चौकी प्रभारी गजेंद्र सिंह चौहान डंपर को डिकेन चौकी ले गए और दोनों चालकों को भी कथित रूप से हिरासत में रख लिया।शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि डंपर की एक बस से मामूली टक्कर हो गई थी, लेकिन दोनों पक्षों के सेठों के बीच बातचीत के बाद मामला मौके पर ही सुलझ गया था। बस चालक पक्ष की ओर से भी लिखित रूप से मामला आपसी होने की बात कही गई थी और किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी। इसके बावजूद पुलिस द्वारा दोनों चालकों को चौकी लाकर उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।

*पीड़ित चालक ने सुनाई आपबीती*

पीड़ित चालक ने सागर मंथन को अपनी व्यथा बताते हुए आरोप लगाया कि डिकेन चौकी प्रभारी गजेंद्र सिंह ने उसे वाहन से नीचे उतारने के बाद मारते हुए अंदर ले गए। चालक के अनुसार चौकी के अंदर भी उसके साथ मारपीट की गई और पट्टे से पीटा गया।चालक ने बताया कि रात करीब 11 बजे पुलिस ने डंपर तो छोड़ दिया, लेकिन उसे नहीं छोड़ा। उसका आरोप है कि उसे छोड़ने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की गई। चालक के अनुसार वह रातभर चौकी में रहा और अगले दिन करीब 3 बजे उसे छोड़ा गया। उसने बताया कि बाद में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से बातचीत और मामले की जानकारी पहुंचने के बाद उसे छोड़ा गया।पीड़ित चालक ने कहा कि बस और डंपर का मामला दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से सुलझा लिया था और बस पक्ष की ओर से भी लिखकर दे दिया गया था कि चालक और वाहन को छोड़ दिया जाए। इसके बावजूद उसे कई घंटे तक चौकी में रखा गया। चालक ने कहा कि उसका कसूर क्या था, यह उसे समझ नहीं आया और अब वह मामले में न्याय चाहता है।

*चौकी के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग*

शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से डिकेन चौकी में लगे सीसीटीवी कैमरों की 6 अगस्त की रात की रिकॉर्डिंग खंगालने की मांग की है, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके। उन्होंने चौकी प्रभारी सहित संबंधित पुलिसकर्मियों पर लगाए गए मारपीट और रुपये मांगने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।सागर मंथन इधर, शिकायत मिलने के बाद एसपी राजेश व्यास ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों चालकों का जिला अस्पताल में मेडिकल करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।