नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। पिछले मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में अपने ऊपर केरोसिन डालकर हंगामा करने वाले व्यक्ति के मामले ने इस मंगलवार को नया मोड़ ले लिया। इस बार उसी मामले में 82 वर्षीय बुजुर्ग नंदराज चारण कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे और अपने छोटे बेटे चांदमल चारण के खिलाफ शिकायत सौंपते हुए उसकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका पुत्र और पोता लगातार झूठी शिकायतें कर पूरे परिवार को परेशान कर रहे हैं तथा आत्मघाती कदम उठाने जैसी हरकतों से प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।कलेक्टर को दिए आवेदन में ग्राम आलोरी गरवाड़ा निवासी 82 वर्षीय नंदराज चारण ने बताया कि वे वृद्धावस्था के कारण अस्वस्थ रहते हैं और अपने दो बड़े पुत्रों के साथ निवास करते हैं। उनके अनुसार उनका छोटा पुत्र चांदमल चारण तथा उसका पुत्र कमल चारण पिछले लंबे समय से परिवार के खिलाफ विभिन्न विभागों में निराधार शिकायतें कर रहे हैं।बुजुर्ग ने आवेदन में उल्लेख किया कि 28 जुलाई की जनसुनवाई के दौरान चांदमल चारण ने अपने ऊपर केरोसिन डालकर आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया था, ताकि प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके। बाद में प्रशासन द्वारा मौके पर जांच किए जाने पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण नहीं पाया गया। उनका कहना है कि यदि संपत्ति या मकान-दुकान को लेकर कोई वास्तविक विवाद है तो उसका समाधान न्यायालय के माध्यम से होना चाहिए, न कि इस प्रकार के कदम उठाकर।आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि चांदमल चारण और उसके परिवार के सदस्य आए दिन विवाद करते हैं तथा फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से जान से मारने और स्वयं आत्महत्या करने की धमकियां देकर पूरे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। इससे परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन व्यतीत कर रहा है।82 वर्षीय बुजुर्ग ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, झूठी शिकायतों और कथित धमकियों पर कानूनी कार्रवाई करने तथा उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी वृद्धावस्था और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन उन्हें और उनके परिवार को संरक्षण प्रदान करे, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो।