नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आयोजित जनसुनवाई मंगलवार को उस समय हड़कंप में बदल गई, जब वर्षों से न्याय की गुहार लगा रहे एक फरियादी ने कीटनाशक का सेवन कर लिया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल उसे जिला अस्पताल पहुंचाया,जहां उसका उपचार जारी है।जानकारी के अनुसार ग्राम चौनपुरा बामनबाड़ी निवासी शंकर सिंह पिता नवल सिंह अपनी वर्षों पुरानी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे। उनका आरोप है कि वर्ष 2015 में बिजली के करंट की चपेट में आने से उनकी एक गाय और एक भैंस की मौत हो गई थी। इस मामले में उन्होंने संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई और न्याय की मांग को लेकर कई बार कलेक्टर कार्यालय सहित विभिन्न अधिकारियों को आवेदन दिए,लेकिन आज तक उनकी शिकायत का समाधान नहीं हो सका।घटना से पहले शंकर सिंह ने एक हस्तलिखित पत्र भी छोड़ा, जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा कि पशुओं की मौत के बाद उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई। लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने और आवेदन देने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला, जिससे वे मानसिक रूप से बेहद परेशान और निराश हो गए। इसी हताशा में उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाने की बात पत्र में लिखी।कीटनाशक का सेवन करने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और बिना देर किए उन्हें निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया,जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। इस घटना ने एक बार फिर शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। फरियादी द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।