नीमच।महेन्द्र उपाध्याय। रतनगढ़ निवासी एक पीड़ित व्यक्ति मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब वह अपने ऊपर केरोसिन डालकर आत्मदाह की चेतावनी देते हुए जनसुनवाई में पहुंच गया। पीड़ित का आरोप है कि अतिक्रमण और मारपीट की शिकायतों पर प्रशासन द्वारा बार-बार आवेदन देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उसे समझाइश दी,आवेदन लिया और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।
रतनगढ़ वार्ड क्रमांक-11 निवासी चांदमल पिता नंदराज चारण ने बताया कि ग्राम पंचायत आलोरी गरवाड़ा स्थित शासकीय स्कूल परिसर के समीप अधूरी बाउंड्री के पास कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण कर रखा गया है। उनका आरोप है कि किशनलाल, कैलाशचंद्र चरण सहित अन्य लोगों ने शासकीय भूमि एवं सड़क पर भी कब्जा कर रखा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया।चांदमल ने आरोप लगाया कि 6 तारीख को शिकायत को लेकर विवाद हुआ, जिसमें उसके साथ मारपीट की गई। इस घटना में उसके सिर पर गंभीर चोट आई और 15 टांके लगे। उनका कहना है कि चोट के कारण वह मानसिक रूप से भी परेशान है।पीड़ित ने बताया कि वह अब तक 10 बार कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन दे चुका है और मंगलवार को 11 वीं बार अपनी फरियाद लेकर पहुंचा। इस दौरान उसने गले में ज्ञापन की माला भी पहन रखी थी और अपने साथ केरोसिन भी लाया था। उसका कहना था कि यदि उसकी सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होगा।कलेक्टर कार्यालय परिसर में आत्मदाह की चेतावनी की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर उसे समझाइश दी। अधिकारियों ने पीड़ित से आवेदन प्राप्त किया और मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद स्थिति सामान्य हुई।पीड़ित की मांग है कि शासकीय भूमि और सड़क पर किए गए अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए तथा मारपीट के मामले में भी निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।