झूठे एससी-एसटी प्रकरण में फंसाने का आरोप, डासिया के ग्रामीणों व करणी सेना ने एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन
19 Mar 2026
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नीमच।महेंद्र उपाध्याय। जिले के ग्राम डासिया में एक विवाद ने तूल पकड़ लिया है, जहां ग्रामीणों और करणी सेना परिवार ने सामूहिक रूप से पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर विपक्षी पक्ष पर झूठी शिकायत दर्ज कराने और एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। गुरुवार को दिए गए इस ज्ञापन में पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए राहत दिलाने की अपील की है।
ज्ञापन के अनुसार, घटना 26 फरवरी 2026 की बताई गई है, जब ग्राम निवासी जसवंत सिंह अपने खेत से हरे चने लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान आरोप है कि प्रेमचंद,भैरूलाल, ममता और नीतू चौहान ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकाया। ग्रामीणों का कहना है कि जसवंत सिंह मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, जिसकी मेडिकल रिपोर्ट भी आवेदन के साथ संलग्न की गई है, फिर भी उनके खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज कराया गया।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष ने न केवल मारपीट की, बल्कि बाद में स्वयं को पीड़ित बताकर एससी-एसटी एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई, जिससे पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई की जा रही है और निर्दोष लोगों को परेशान किया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ममता कंवर, जो कि घटना के समय बेड रेस्ट पर थीं, उनका नाम भी शिकायत में शामिल किया गया है,जो पूरी तरह असत्य है।इसके अलावा ग्रामीणों ने विपक्षी पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे एक पोल्ट्री फार्म पर रहते हैं और वहां से अवैध गतिविधियां जैसे डोडा चूरा तस्करी और अवैध शराब का कारोबार संचालित करते हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इस संबंध में पूर्व में भी शिकायतें की जा चुकी हैं और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।ग्रामीणों ने बताया कि विपक्षी पक्ष की आपराधिक प्रवृत्ति के कारण पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है और लोग लंबे समय से परेशान हैं। इसी के चलते समस्त ग्रामवासी, पीड़ित परिवार और करणी सेना ने एकजुट होकर यह ज्ञापन सौंपा है।अंत में ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, झूठे प्रकरणों से राहत दिलाई जाए और गांव में शांति एवं सुरक्षा का माहौल स्थापित किया जाए।