नीमच। महेन्द्र उपाध्याय। कैंट थाना क्षेत्र के ग्राम डूंगलावदा में गुरुवार को दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार 35 वर्षीय कृष्णा ग्वाला की ट्राले की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।जानकारी के अनुसार ग्वालटोली निवासी कृष्णा ग्वाला पिता बंशीलाल ग्वाला मजदूरी के लिए मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान डूंगलावदा क्षेत्र में वे ट्राले की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि कृष्णा ट्राले के नीचे आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।हादसे के बाद शव को शव वाहन से नीमच जिला अस्पताल लाया गया,जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है।हादसे की खबर ग्वालटोली पहुंचने पर परिवार के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में समाजजन,ग्रामीण और परिचित जिला अस्पताल पहुंचे।
*सिटी फोरलेन निर्माण में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल*सागर मंथन
हादसे के बाद सिटी फोरलेन निर्माण के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।ग्वालटोली के पार्षद एवं समाजसेवी हरगोविंद दीवान ने आरोप लगाया कि नीमच क्षेत्र में सिटी फोरलेन का काम चल रहा है,लेकिन निर्माणाधीन हिस्सों में पर्याप्त सांकेतिक बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। कई स्थानों पर सड़क की खुदाई की गई है और जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। इससे वाहन चालकों को खुले और निर्माणाधीन मार्ग के बीच अंतर समझने में परेशानी होती है और हादसों का खतरा बढ़ रहा है।दीवान ने कहा कि इसी क्षेत्र में कुछ दिन पूर्व ग्वालटोली के गडोलिया समाज के एक व्यक्ति की भी हादसे में मौत हुई थी और अब ग्वाला समाज के युवक की जान चली गई। उनका आरोप है कि सिटी फोरलेन निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही के चलते सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और अब तक क्षेत्र में तीन-चार बड़े हादसे हो चुके हैं।
*प्रशासन से वैधानिक कार्रवाई और परिवार को आर्थिक सहायता की मांग*सागर मंथन
क्षेत्रीय पार्षद हरगोविंद दीवान ने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए सिटी फोरलेन निर्माण स्थल पर पर्याप्त सांकेतिक बोर्ड लगाने, सड़क की खुदाई और मिट्टी के ढेर को व्यवस्थित कराने तथा सुरक्षा के अन्य जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार के विरुद्ध उचित एवं वैधानिक कार्रवाई करने तथा मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देकर निर्माणाधीन मार्गों की स्थिति में सुधार कराना चाहिए,ताकि आगे इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।