नीमच। महेंद्र उपाध्याय। कनावटी के पास निर्माणाधीन फोरलेन पर हुए दर्दनाक हादसे में 32 वर्षीय बाइक सवार परस राम गाड़ी लोहार, निवासी प्रताप नगर कनावटी की मौत हो गई। हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने धरना देकर निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों और स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की कमी को हादसे की बड़ी वजह बताते हुए ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।बताया जा रहा है कि फोरलेन पर निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त साइन बोर्ड, चेतावनी संकेतक और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन चालकों को आगे की सड़क की स्थिति का समय रहते पता नहीं चल पाता। बारिश के दौरान सड़क पर डाली गई मिट्टी के कारण फिसलन की स्थिति और अधिक खतरनाक हो गई। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई और प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया,जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
*धीमी गति से चल रहा निर्माण,सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों में*
कनावटी फोरलेन के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति और जगह-जगह अधूरे हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। निर्माणाधीन सड़क पर यातायात को सुरक्षित तरीके से निकालने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड और चेतावनी संकेतक लगाए जाना जरूरी है,लेकिन कई स्थानों पर इनकी कमी दिखाई देती है।बारिश के मौसम में निर्माणाधीन सड़क पर मिट्टी डालने से फिसलन की स्थिति बनने के बावजूद वाहन चालकों को सावधान करने के लिए पर्याप्त संकेतक नहीं लगाए जाने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या निर्माण एजेंसी और ठेकेदार द्वारा सुरक्षा मानकों का समुचित पालन किया जा रहा है?
*हादसे के बाद परिजनों का धरना,कार्रवाई की मांग*
हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने गुरुवार सुबह धरना देकर निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी,जिसके बाद धरना समाप्त हुआ पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
*एक मौत ने फिर खोली निर्माण व्यवस्था की पोल*
कनावटी फोरलेन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अब एक युवक की जान जाने के बाद ठेकेदार की कार्यप्रणाली,निर्माण की धीमी गति,अधूरे सड़क हिस्से,पर्याप्त साइन बोर्ड और सुरक्षा संकेतकों की कमी जैसे मुद्दे फिर सामने आ गए हैं।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन निर्माण एजेंसी की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करे, हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करे और निर्माण स्थल पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर व अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित कराए,ताकि निर्माण कार्य के दौरान किसी और व्यक्ति की जान जोखिम में न पड़े।